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कविता:हमारा भारत देश प्यारा [ Hamara Bharat Desh Pyara ][ Our country is lovely ]



कविता:हमारा भारत देश प्यारा
भारत ऐसा देश हमारा,
इनके जैसा कोई देश, न है यारा,
इनके नाम लेते, हर देश के लोग सारा,
सोते- जागते कहते, हमारा भारत देश प्यारा,
स्वतंत्र हमारे देश के प्राणी, हृदय से है न्यारा |

सुना था आजादी के लिए, उठाए थे लोग आवाज,
उनमें से गांधी और क्रांति अंग्रेजों को किए थे पाराज,
स्वतंत्र देश के प्राणी, क्रांतियों का नाम लेते हैं आज,
हर क्रांति के कहावतें, लोग करते हैं रियाज,
भारत ऐसा देश को, दिलों में बसाकर रखते हैं आज |

स्वतंत्र देश की हमारी संस्कृति,
महान देश बनाएं, श्रेष्ठ मानव की कलाकृति,
आज भी देखने को मिलते, हमारे देश की प्रकृति,
जिसमें स्थल व इमारतें, हमारे मन को भाती,
स्वतंत्र भारत ऐसा देश, हमारे हृदय में आज भी बस्ती |

                                                                                                                  कवि:-विवेकराज
                                                                                                                           1/11/2009

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