Thought:-छात्र-जीवन मूल आवश्यक [ Student life essential ]
- मुझे सुख नहीं ;दुख चाहिए,
- मुझे परेशानी नहीं; प्रतियोगिता चाहिए,
- मुझे सरल नहीं; कठिन चाहिए |
- क्योंकि, सोना आग में ही तपकर आभूषण बनता है |
- ठीक उसी प्रकार, इंसान विपरीत परिस्थिति में ही झूझकर एक सिद्ध, सरल व सफल इंसान बनता है |
Thinker:-Vivekraj
10/4/17
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