जैसा कि हम जानते हैं, दिमाग की संतुलन के लिए “मन का शांत” और “बुद्धि का विकास” दोनों ही जरूरी है |
सर्वप्रथम दिमाग को संसारिक ज्ञान [अर्थात कला और विज्ञान के ज्ञान] से शिक्षित करो,ताकि संसार के मशीनों को ठीक व सुव्यवस्थित कर सके और संसार की वस्तुओं का निर्माण और विकास कर सकें |और दूसरी बिंदु यह है कि मन को आध्यात्मिक ज्ञान [सद्विचार के ज्ञान] से शिक्षित करो,ताकि तन-मन के अंतःकरण को शांत व शुद्ध बना सके और ज्ञानेंद्रियों को नियंत्रित कर सकें | और बुद्धि के लिए तो “संसारिक ज्ञान और अध्यात्मिक ज्ञान”;इन दोनों ही ज्ञान का अनुभव होना आवश्यक है, क्योंकि यह दोनों ज्ञान “बुद्धि का शिक्षा और विकास” माना जाता है |
Thinker:-Vivekraj
21/1/2016



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