कविता:रंग-अंक भरी प्यार
एक-आइए प्यार की शुरुआत करें, भगवान के सामने लगाकर एक टेक,
आइए हम दोनों मिलकर एक-दूसरे के दिल से, नफरत को निकाल कर देते हैं फेंक |
दो-जिसे मिलता है भोली-भाली, मीठी बात वाली जीवनसाथी नसीबवाला होता है वो,
जिसे मिलता है सच्चा प्यार, खुशनसीब वाला होता है वो |
तीन-हम जी नहीं सकते हैं आपके बिन,
हम रह नहीं सकते हैं आपके बिन |
चार-हम आपसे बहुत करते हैं प्यार,
दुआ करते हैं भगवान से, हम दोनों के बीच न आए कोई दीवार |
पांच-आइए जिंदगी को बनाए, हमदोनों अपनी प्यार के सांच,
आइए दुख, दर्द और खुशी को हम दोनों मिल कर लेते हैं बांच |
छ-प्यार जिंदगी का है एक साथी, यह मेरे मन की है कह,
प्यार निभाने वाला भी जिंदगी का है एक साथी, मेरे दिल की आवाज है यह |
सात-आइए प्यार भरी, खुशी भरी मीठी-मीठी हमदोनों मिलकर करे बात,
आइए प्यार के गीत हमदोनों मिलकर गाए साथ-साथ |
आठ-प्यार क्या होता है, आइए हम दोनों मिलकर पढ़ें इसका पाठ,
अगर प्यार सच्चा हो, तो एक-दूजे के दिल से निकलते हैं, खुशियों की माठ |
नौ-जिंदगी है प्यार का गीत, यह जानते हैं लोग दीवानो,
जिंदगी में प्यार का संगीत भरे, आइए मिलकर हमदोनों |
दस-हम दोनों की प्यार कभी न टूटे, प्यार के बंधन लेते हैं कस,
हम दोनों मिलकर साथ-साथ प्यार भरी जिंदगी बिताएंगे अब हंस-हंस |
कवि:-विवेकराज
7/1/2011



0 Comments